कर्नल अनिल काक (से.नि.)

Col.-Anil-Kakकर्नल अनिल काक पूर्व सैन्य कर्नल तथा सनावर विद्यालय के भूतपूर्व छात्र होेने के साथ साथ शिक्षा क्षेत्र के प्रति निष्ठावान भी हैं। आरंभ में डेली कालेज इंदौर के प्राचार्य रहे श्री काक ने बिना कोर्इ समझौता किए, तमाम जोखिम उठाकर और गंभीर कठिनार्इयों से उबरकर 1996 में प्रोग्रेसिव एजुकेशन विद्यालय की स्थापना की । इस विद्यालय की विशेषता यह है कि यह परंपरागत् पुस्तकों पर आधारित पाठ्यक्रम को नहीं अपनाता है बल्कि इसने कक्षा 7वीं तक शिक्षा प्रदान करने के लिए एक अदभुत पाठ्यक्रम विकसित किया। बोर्ड की आवश्यकताओं, बाध्यताओं को पूरा करने के लिए विद्यालय ने कक्षा 8वीं से पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रचलित शिक्षा प्रणाली को अपनाया है।

बरसों तक शिक्षा प्रणाली को लेकर कर्इ संदेह व्यक्त किए गए, पढ़ार्इ के अनोखे अपरिचित तरीके की अत्यधिक आलोचना की गर्इ । तथापि, लगभग 20 वर्ष के बाद प्रोग्रेसिव एज्युकेशन ने अपनी शिक्षा प्रणाली तथा उससे प्राप्त परिणामों से सिद्ध किया है तथा आज इसे इस क्षेत्र में अपनी सर्वोत्तम गुणवत्ता, कौशल, परिणामों तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए माना जाता है।

शिक्षा की परिभाषा : आमतौर पर विद्यालय या विश्वविद्यालय स्तर पर सुनियोजित बौद्धिक, नैतिक तथा सामाजिक शिक्षा देने और प्राप्त करने की प्रक्रिया।

आजकल भारत के सामान्य विद्यालय अधिकांशत: बच्चों की स्मृति को परखने के लिए तैयार किए गए परंपरागत् पाठ्यक्रम सामग्री के मानक प्रावधानों से जुड़े है जिसमें आदर्शवादी नैतिकता के प्रावधान कम ही होते है तथा इनमें सख्त सामाजिक शिक्षा का दबाव ज्यादा होता है, यह सब कुछ बच्चे की बौद्धिक क्षमता की गुणवत्ता, परिवर्तन /पूरे जीवनकाल में आने वाले नर्इ सामाजिक दिशाओं का सामना करने के साहस तथा क्षमता की कीमत पर आता है ।

प्रोग्रेसिव एज्युकेशन में इसके विपरीत एकदम अलग दृष्टिकोण अपनाया जाता है। यहाँ बच्चों की अवधारणात्मक स्पष्टता तथा शिक्षा प्रणाली की समझ, एक दृढ़ नैतिक प्रवृत्ति को मन में बैठाने तथा संतुलित जीवन के लिए संगत सामाजिक कौशल को विकसित कर जीवन में अच्छा करने की क्षमता तथा परिपक्वता को विकसित करने के साथ-साथ परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने की क्षमता को बढ़ाना भी है।

कर्नल काक के मार्गदर्शन में विद्यालय ने साल दर साल, ज्यादा से ज्यादा मजबूती हासिल की है तथा एक शिक्षा प्रणाली में अंतर को उन्नयन कर उसे सुदृढ़ किया है। अपनी स्थापना के 20 साल बाद भी यह अंतर पूरी तरह से अद्वितीय बना हुआ है।

प्रोग्रेसिव एज्युकेशन विद्यालय में आपका स्वागत है

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